schoolive magazine january issue, vradhgram

शुभी और इंजेक्शन

The Daring Shubhi. No fear from the needle...
इंजेक्शन देखकर अच्छे-अच्छे डर जाते हैं। खासकर बच्चे तो बिल्कुल घबरा जाते हैं। मैं उतना नहीं डरता था। पर शुभी तो सबकी बोस निकली। वह कहती है कि उसे सुई लगवाना अच्छा लगता है। जब डाक्टर अंकल उसे इंजेक्शन लगाते हैं तो वह हंसती है। यह बड़ी अजीब बात है। कितनी बहादुरी वाला काम है सुई लगवाना। फिर हंसना, बाप रे बाप। मैं तो शुभी की बात सुनकर बेहोश होते-होते बचा या फिर कुर्सी से पलट जाता। लेकिन यह सच नहीं.........महा सच है।

हर किसी को इसपर आसानी से यकीन नहीं आयेगा, पर :

‘‘शुभी है तो कुछ भी नामुमकिन नहीं।’’

आगे भी सुनिए -शुभी वचन :

‘‘मुझे न, बिल्कुल डर नहीं लगता। इंजेक्शन लगवाना, ग्लूकोज की बोतल लगवाना, बगैरह-बगैरह, नो प्रोब्लम।’’

शुक्र यह कि उसने यह नहीं कहा :"I just lov'd it".

आखिर में :

शुभी महान है,
वह इंसान नहीं,
 #?/##??   है!!

बोलो शुभी मैया की जय!

yours

harminder


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